गिरीपार क्षेत्र में प्रवेश भारत एवं निशा की हुई अनोखी शादी न पंडित न आचार्य के परिणय बंधन में बंधे दंपति

593

समूचे जिला सिरमौर में हो रही इस अनूठे परिणय बंधन की चर्चा
/पांवटा साहिब
गिरीपार क्षेत्र के दूरदराज सालवाला-धमोन गांव में एक युवा प्रवेश भारत और निशा ने की एक नई पहल। इन दोनों ने हिन्दू रीति रिवाज़ के ब्रह्म विवाह की प्राचीन परम्परा में बदलाव किया और ब्रह्मण के बिना ही संविधान को साक्षी मान विवाह के पवित्र बंधन में बंधे।

यह अनोखी शादी समूचे सिरमौर में चर्चा का विषय रही है। इस शादी में बिना ब्राह्मण और बिना वैदिक मंत्रो के ही स्थानीय रीति रिवाजो को निभाया गया। दूल्हा प्रवेश भारत एक पढ़ा -लिखा सरकारी नौकरी करने वाला युवा है और रूढ़ियों को तोड़ने को उत्सुक था। उन्होंने बताया कि कि विवाह दो दिलों का मेल है इसके लिए किसी परम्परागत रीति और कर्मकांड का होना जरूरी नहीं है। हालांकि इस तरह के विवाह के लिए उसे अपने और लड़की के परिवार को मनाने में थोड़ी बहुत मशक्त करनी पड़ी लेकिन आखिर मैं वह इसे करने में सफल रहा। इस विवाह में पुरे गाजे -वाजे के साथ बारात गई और लड़की वालों ने भी पूरी आव भगत की, बस दूल्हा -दुल्हन ने संविधान को साक्षी मान कर एक दूसरे का हाथ थामा और बारात दुल्हन को ले कर वापस लौट आई। अनोखी शादी जहाँ पूरे सिरमौर में चर्चा का विषय रही वहीं आने वाले समय में युवाओ के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही है।
उल्लेखनीय है कि इनकी शादी का कार्ड सोशल मीडिया परइतना वायरल हुआ कि अभी भी उसे पढ़ने के लिए लोग बहुत उत्सुक है और इसके विवर अभी भी कई हजारों में पहुंच चुके हैं। जिसे की डिजिटल सिरमौर मीडिया ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था और समाज के सामने एक अनोखी पहल करने वाले व्यक्ति का वक्तव्य रखा था।